जिलाधिकारी ने किया जिला सूचना कार्यालय ,सिटी मजिस्ट्रेट और उप कोषागार का औचक निरीक्षण।, जिला सूचना अधिकारी को प्रेस प्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय बनाने के दिए निर्देश।

जिलाधिकारी ने किया जिला सूचना कार्यालय ,सिटी मजिस्ट्रेट और उप कोषागार का औचक निरीक्षण।

जिला सूचना अधिकारी को प्रेस प्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय बनाने के दिए निर्देश।

हरिद्वार। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने आज पुरानी तहसील देवपुरम स्थित सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय,जिला सूचना कार्यालय और उप कोषागार का औचक निरीक्षण कर इन कार्यालय में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय का निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सभी पटलों का निरीक्षण कर सभी पटल सहायकों को निर्देश दिए है कि सभी पत्रावलियों का रख रखाव ठीक ढंग से किया जाए तथा सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में अपने कार्यों एवं समस्याओं को लेकर आने वाले आम जन की कार्यों एवं समस्याओं का तत्परता से निराकरण किया जाए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में लंबित वादों की जानकारी प्राप्त की तथा सिटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए है कि जो भी पुराने वाद लंबित है उनका प्राथमिकता से निस्तारण करना सुनिश्चित करे। जिला सूचना कार्य का निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी को निर्देश दिए है कि प्रेस प्रतिनिधियों से बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए शासन – प्रशासन के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक स्तर से प्रचारित प्रसारित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी द्वारा उप कोषागार का भी निरीक्षण किया तथा कोषागार में किए जाने वाले कार्यों की जानकारी ली,उन्होंने सहायक कोषाधिकारी को निर्देश दिए है कि उप कोषागार में आने वाले आमजन के कार्यों का तत्परता से समाधान किया जाए। निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट श्रीमती कुश्म चौहान,जिला सूचना अधिकारी अहमद नदीम, अतिरिक्त सूचना अधिकारी रती लाल शाह, पेशकर अंशुल चौहान, प्रोटोकॉल सहायक प्रमोद पंत,सहित संबंधित अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे ।

चेकिंग अभियान के दौरान 2 अल्ट्रासाउंड मशीनो पर मानक अनुसार संचालित न होने पर किए गए सील एवं 3 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर डॉक्टर उपलब्ध न होने पर लगाया गया जुर्माना। जनपद की 19 नैदानिक संस्थानों में मानक के अनुसार संचालित न होने एवं विभिन्न अनियमितता पाया जाने पर 50-50 हजार का लगाया गया जुर्माना। निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्लीनिकों में पाई गए अनियमितता में कुल 9 लाख 50 हजार का जुर्माना लगाया गया।

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