प्रारंभिक जाँच में हाथ नहीं आ रही थी कोई भी संदिग्ध कड़ी
SSP हरिद्वार द्वारा नाराज़गी व्यक्त करते हुए मामले की पुनः जांच को आदेशित किया गया
हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर पुलिस की बड़ी सफलता, एक साल पुराने मर्डर केस का खुलासा
SSP हरिद्वार के कुशल नेतृत्व में जटिल मामलों का सफल अनावरण कर रही हरिद्वार पुलिस
कोतवाली रानीपुर पुलिस ने लगभग एक वर्ष पूर्व लैब टैक्नीशियन वसीम की हुई अंधी हत्या का खुलासा कर एक बड़ी सफलता हासिल की है। यह हत्याकांड जनवरी 2025 में ग्राम गढ़मीरपुर क्षेत्र में हुआ था, जिसमें अज्ञात हमलावर ने चलती मोटरसाइकिल से वसीम को गोली मार दी थी।
प्रारंभिक जांच में पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लग पा रहा था। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डाटा और स्थानीय स्तर पर पूछताछ के बावजूद मामला पूरी तरह ब्लाइंड बना हुआ था। जिस पर SSP हरिद्वार ने कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए मामले की दोबारा गहन जांच के निर्देश दिए।
इसके बाद प्रभारी निरीक्षक शान्ति कुमार के नेतृत्व में रानीपुर पुलिस ने इस केस को एक चुनौती के रूप में लिया। अतिरिक्त पुलिस बल और CIU हरिद्वार की टीम को लगाया गया। दोबारा सीसीटीवी फुटेज और डिजिटल साक्ष्यों का बारीकी से विश्लेषण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक संदिग्ध ग्रे रंग की जुपिटर स्कूटी पुलिस के रडार पर आई।
दिनांक 22 दिसंबर 2025 की रात्रि में सुमननगर पुलिस चेकिंग के दौरान उक्त स्कूटी के साथ अभिमन्यु नामक होमगार्ड को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने की बात कबूल कर ली।
आरोपी ने बताया कि निजी कारणों और आपसी रंजिश के चलते उसने वसीम की रेकी कर चलती मोटरसाइकिल से गोली मारकर उसकी हत्या की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद कर लिया।
पुलिस अधिकारियों की सराहनीय भूमिका
इस पूरे मामले के सफल अनावरण में प्रभारी निरीक्षक शान्ति कुमार की सूझबूझ, नेतृत्व क्षमता और लगातार मॉनिटरिंग अहम रही। वहीं चौकी प्रभारी अर्जुन सिंह द्वारा की गई फील्ड लेवल की मेहनत, चेकिंग अभियान और तकनीकी समन्वय ने केस को सुलझाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
दोनों अधिकारियों के साथ-साथ रानीपुर पुलिस टीम और CIU हरिद्वार की संयुक्त कार्रवाई ने यह साबित कर दिया कि हरिद्वार पुलिस अपराधियों को चाहे जितना समय लगे, कानून के शिकंजे में लाकर ही दम लेती है।






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