फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र गिरोह का पर्दाफाश, जनसेवा केन्द्र की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल

फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र गिरोह का पर्दाफाश, जनसेवा केन्द्र की आड़ में चल रहा था बड़ा खेल

(पत्रकार दिलदार अब्बासी)

पिरान कलियर।हरिद्वार जनपद में कप्तान एसएसपी नवनीत सिंह की अगुवाई में चलाए जा रहे सघन सत्यापन अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। कोतवाली पिरान कलियर पुलिस और स्थानीय अभिसूचना इकाई की संयुक्त टीम ने जनसेवा केन्द्र की आड़ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। पुलिस के अनुसार बृहस्पतिवार को सत्यापन अभियान के दौरान पिरान कलियर क्षेत्र में चारमीनार के पीछे स्थित अलीशान होटल में “शाहिदा मानवाधिकार जनसेवा केन्द्र” के नाम से संचालित एक कमरे में छापेमारी की गई। मौके पर एक युवक स्थानीय व बाहरी राज्यों के लोगों के जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अन्य सरकारी दस्तावेज तैयार करता मिला।पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शहनवाज पुत्र मोहम्मद प्यारे, निवासी दाउदपुर थाना साहिबगंज जिला मुजफ्फरपुर (बिहार) बताया। उसने खुद को मानवाधिकार आयोग का अध्यक्ष बताकर लोगों को गुमराह किया और होटल के कमरे से ही सीएससी सेंटर संचालित कर फर्जी दस्तावेज बनाकर मोटी रकम वसूलता रहा।जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा बनाए गए अधिकांश जन्म प्रमाण-पत्रों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित था तथा उत्तराखंड सरकार का लोगो और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग नगर निगम रूद्रपुर का लेटर पैड इस्तेमाल किया गया था। नगर पंचायत पिरान कलियर के अधिशासी अधिकारी से सत्यापन कराने पर प्रमाण-पत्रों पर लगे हस्ताक्षर और मोहरें फर्जी पाई गईं। आरोपी के पास मिला मानवाधिकार आयोग का पहचान-पत्र भी नकली निकला।कड़ी पूछताछ में शहनवाज ने बताया कि कुछ दस्तावेज वह इंटरनेट के माध्यम से स्वयं तैयार करता था और कुछ ऑनलाइन मंगाकर प्रिंट निकालकर लोगों को देता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह अब तक लगभग एक हजार से अधिक जन्म प्रमाण-पत्र और अन्य दस्तावेज बना चुका है।बरामदगी में 45 फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र, एक लैपटॉप व चार्जर, माउस, रेडमी मोबाइल फोन, 6 आधार कार्ड, 7 अलग-अलग मोहरें तथा मानवाधिकार आयोग का फर्जी पहचान-पत्र बरामद किया गया। आरोपी के विरुद्ध कोतवाली पिरान कलियर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच जारी है।पुलिस टीम का नेतृत्व एसओ रविन्द्र कुमार ने किया, जिसमें वरीय उपनिरीक्षक सुनील पंत, उपनिरीक्षक उपेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल रविन्द्र वालियान, कांस्टेबल जितेन्द्र सिंह सहित अन्य कर्मी शामिल रहे।हरिद्वार पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी दस्तावेज को बनवाने से पहले अधिकृत केन्द्र की पुष्टि अवश्य करें और संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। पुलिस का कहना है कि सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा और फर्जीवाड़ा करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

चेकिंग अभियान के दौरान 2 अल्ट्रासाउंड मशीनो पर मानक अनुसार संचालित न होने पर किए गए सील एवं 3 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर डॉक्टर उपलब्ध न होने पर लगाया गया जुर्माना। जनपद की 19 नैदानिक संस्थानों में मानक के अनुसार संचालित न होने एवं विभिन्न अनियमितता पाया जाने पर 50-50 हजार का लगाया गया जुर्माना। निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्लीनिकों में पाई गए अनियमितता में कुल 9 लाख 50 हजार का जुर्माना लगाया गया।

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