गढ़ मीरपुर पंचपुरी में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई ,राजनीतिक दल हो, कोई भी विचार हो, आंबेडकर सबकी जरूरत बन : मास्टर दिलीप कुमार

गढ़ मीरपुर पंचपुरी में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

राजनीतिक दल हो, कोई भी विचार हो, आंबेडकर सबकी जरूरत बन : मास्टर दिलीप कुमार

हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र में संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती हर्ष उल्लास के साथ मनाई जा रहा है।गढ़मीरपुर में स्थित भारतीय संविधानकार बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर मास्टर दिलीप कुमार एवं ग्राम वासियों ने माला अर्पण और केक काटकर शोभायात्रा निकाली।

इसी बीच झांकियां निकल गई। झांकियां को गढ़ से लेकर कुतुबपुर एवं पूरनपुर पंचपुरी में घुमाया गया।

 

इसी बीच गंगा जमुना तहज़ीब देखने को मिली ग्राम राजपुर प्रधान प्रतिनिधि जुल्फिकार अली एवं सद्दाम अब्बासी,मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भव्य स्वागत करते हुए फूलों की वर्षा की तथा फल वितरित किए।

सुमन नगर चौकी इंचार्ज अर्जुन सिंह एवं महेंद्र सिंह तोमर, जयदेव कि ओर सुरक्षा व्यवस्थाएं बनाने में एवं अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद देखें। वही मास्टर दलीप कुमार ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जो निर्मिति है, वह लोकतंत्र की यात्रा के साथ-साथ विकसित और व्यापक होती जा रही है। आंबेडकर ऐसे समय में आए,
जब औपनिवेश का समय था, तब उन्होंने वंचित समाज के मुद्दे उठाए। उस समय उनका जो प्रभाव था, आज उससे कई गुना ज्यादा हो गया है। उन्होंने पूरे समाज को प्रभावित किया और हम देख रहे हैं, लोकतंत्र में उनकी जगह निरंतर बढ़ती चली जा रही है।

 

वक्त के साथ उनके साथ नए-नए तत्व जुड़ते जा रहे हैं। उन्होंने दलित समाज, भारतीय समाज और लोकतंत्र के लिए भी खूब चिंतन किया है। आंबेडकर के प्रभाव में दलित व वंचित समुदाय लगातार सतर्क और जागरूक होते जा रहे हैं। आंबेडकर के प्रभाव में इन समुदायों का लोकतांत्रिक मूल्य भी बढ़ता जा रहा है। जाहिर है, जब उसका मूल्य बढ़ रहा है, तो सबकी जरूरत भी बढ़ रही है।
इन समुदायों में जागरूकता बढ़ने में शिक्षा की भी बड़ी भूमिका है, आंबेडकर खुद भी शिक्षा को बहुत मूल्यवान मानते थे। राजनीति में भी आंबेडकर के नए-नए स्वरूप बन रहे हैं। दक्षिण भारत में एक अलग तरह का आंबेडकरवादी आंदोलन है, महाराष्ट्र में अलग आंबेडकर हैं, तो उत्तर प्रदेश, बिहार जैसे राज्यों में अलग हैं।
आज चाहे कोई राजनीतिक दल हो, कोई भी विचार हो, आंबेडकर सबकी जरूरत बन गए हैं। भारतीय समाज की आज जो राजनीति है, उसके अधिकतर हिस्से को आंबेडकर ने प्रभावित कर रखा है। वह आज भी समाज को संबोधित कर रहे हैं और इसका सिद्धांत भी है और व्यवहार भी। वह समस्या भी बताते हैं और समाधान भी देते हैं, इसलिए आंबेडकर हमारे लोकतंत्र में विचार-व्यवहार में निरंतर साथ खड़े मिलते हैं। उनके निर्माण में नए-नए रंग जुड़ते जा रहे हैं, जैसे एक तरफ आंबेडकर वाम की जरूरत हैं, तो दक्षिणपंथ की भी जरूरत हैं। वह दलित समूह की जरूरत तो हैं ही, व्यापक भारतीय राजनीति की भी जरूरत हैं। वही राजपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जुल्फिकार अली ने कहा कि अंबेडकर जी के जीवन एवं कार्य का महत्व सामाजिक और राजनैतिक स्तर पर बताते हुए लोगों से उनसे प्रेरणा लेने का आग्रह किया।अंबेडकर जी ने भारतीय समाज में समानता और न्‍याय के मूल्यों को अपनाने के लिए अपना सम्पूर्ण जीवन समर्पित किया। हमें उन्हें गुरु मानकर उनके विचारों से प्रेरित होना चाहिए।इस कार्यक्रम में मास्टर दिलीप कुमार,विनोद कुमार,देशराज , मास्टर ओमपाल सिंह,सूरजभान ,डॉ सुरेन्द्र कुमार, जसबीर मास्टर, राजपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि, सद्दाम अब्बासी,कुर्बान अली, राहुल उर्फ नफीस ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गढ़, तौकीर अली राशिद, राजकुमार, अनिल कुमार आदि मौजूद है

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