प्रदेश के प्रत्येक जिले में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी टॉपर्स को एक दिन के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) की भूमिका दी जाएगी : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

टॉपर्स को मिलेगा विशेष सम्मान, सीएम के निर्देश पर बनेंगे एक दिन के डीएम और एसपी

प्रदेश की प्रमुख नदियों पर होंगे ‘नदी उत्सव’, शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में सीएम पुष्कर सिंह धामी की अभिनव पहल

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में शिक्षा व पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अभिनव पहल करते हुए दो महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के प्रत्येक जिले में हाई स्कूल और इंटरमीडिएट के मेधावी टॉपर्स को एक दिन के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) की भूमिका दी जाएगी। इस प्रेरणादायी कार्यक्रम का उद्देश्य मेधावी छात्रों को प्रशासनिक अनुभव देना, उनमें आत्मविश्वास जगाना और उच्च लक्ष्य की ओर प्रेरित करना है। यह योजना जल्द ही जिलों में लागू की जाएगी और इसके लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ‘नदी उत्सव’ आयोजित करने के निर्देश भी दिए हैं। राज्य की प्रमुख नदियों के नाम पर यह उत्सव जनसहभागिता के माध्यम से आयोजित किए जाएंगे। इस आयोजन का उद्देश्य नदियों की सफाई, स्वच्छता, पुनर्जीवन और संरक्षण को जन अभियान का रूप देना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की नदियां केवल जलस्रोत ही नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जीवनशैली का हिस्सा हैं। ‘नदी उत्सव’ के माध्यम से आम जन को जल संरक्षण और स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जाएगा।

धामी सरकार की यह पहल न केवल मेधावी विद्यार्थियों को सम्मान देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की ओर भी एक सशक्त प्रयास है।

आगामी कुंभ मेले को संपन्न करने के लिए तैयारियों में जुटा जिला प्रशासन, जिलाधिकारी ने यातायात व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिए सड़क मार्गों पर जो भी कार्य किए जाने है उसका किया स्थलीय निरीक्षण।                

चेकिंग अभियान के दौरान 2 अल्ट्रासाउंड मशीनो पर मानक अनुसार संचालित न होने पर किए गए सील एवं 3 अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर डॉक्टर उपलब्ध न होने पर लगाया गया जुर्माना। जनपद की 19 नैदानिक संस्थानों में मानक के अनुसार संचालित न होने एवं विभिन्न अनियमितता पाया जाने पर 50-50 हजार का लगाया गया जुर्माना। निरीक्षण के दौरान विभिन्न क्लीनिकों में पाई गए अनियमितता में कुल 9 लाख 50 हजार का जुर्माना लगाया गया।

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