खुली नहर बनी हादसे की वजह, बुजुर्ग घायल — प्रशासन की क्यूआरटी का एक्शन, सिंचाई विभाग पर मुकदमा

खुली नहर बनी हादसे की वजह, बुजुर्ग घायलप्रशासन की क्यूआरटी  का एक्शन,सिंचाई विभाग पर मुकदमा

(पत्रकार दिलदार अब्बासी)

देहरादून। जनपद में लगातार मिल रही सड़क-सुरक्षा संबंधी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन अब पूरी तरह सख्त मोड में नजर आ रहा है। कैनाल रोड स्थित अपर तुनवाला क्षेत्र में सिंचाई विभाग की खुली नहर एक बुजुर्ग के लिए हादसे का कारण बन गई। मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग कोहरे के बीच खुले स्लैब को नहीं देख पाए और नहर में गिरकर घायल हो गए। घटना के बाद जिला प्रशासन की क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) सक्रिय हुई और लापरवाही के आरोप में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।प्राथमिक जांच में सामने आया कि सिंचाई विभाग द्वारा नहर की सफाई के दौरान कई स्थानों से स्लैब हटाए गए थे, लेकिन वहां पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। न तो बैरिकेडिंग लगाई गई, न चेतावनी संकेतक और न ही रात्रिकालीन रिफ्लेक्टर लगाए गए, जिसके कारण राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया। कोहरे के चलते दृश्यता कम होने से बुजुर्ग सीधे खुले हिस्से में जा गिरे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि यह घटना सीवर निर्माण कार्य से संबंधित नहीं है, बल्कि सिंचाई विभाग की पुरानी नहर संरचना से जुड़ी लापरवाही का परिणाम है। हालांकि क्षेत्र में सीवर पाइपलाइन डालने के बाद सड़क के रेस्टोरेशन का कार्य चल रहा है, लेकिन दुर्घटना स्थल पर उस समय कोई रोड कटिंग कार्य नहीं हो रहा था और सड़क का प्राथमिक मरम्मत कार्य पूरा किया जा चुका था। जिलाधिकारी सविन बंसल ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी विभागों, कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों को सख्त चेतावनी दी है कि निर्माण या सफाई कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कटिंग की गई सड़कों या कार्यस्थलों पर किसी भी व्यक्ति के साथ दुर्घटना होती है, तो संबंधित विभाग और ठेकेदारों के खिलाफ सीधे आपराधिक मुकदमे दर्ज किए जाएंगे। जिला प्रशासन ने सभी विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि किसी भी निर्माण या सफाई कार्य के दौरान अनिवार्य रूप से बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन की जान जोखिम में न पड़े। इस कार्रवाई के बाद साफ संदेश दिया गया है कि अब विकास कार्यों में लापरवाही भारी पड़ेगी — जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कानून का शिकंजा कसना तय है।

error: Content is protected !!