कोर विश्वविद्यालय का दीक्षांत समारोह गरिमामय माहौल में संपन्न, राज्यपाल ने विद्यार्थियों को दिया राष्ट्रनिर्माण का संदेश
(पत्रकार: दिलदार अब्बासी)
हरिद्वार। रुड़की स्थित कोर विश्वविद्यालय में सोमवार को दूसरा दीक्षांत समारोह बड़े ही गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विश्वविद्यालय के मेधावी विद्यार्थियों को डिग्री और स्वर्ण पदक प्रदान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत केवल डिग्री प्राप्त करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह आत्मबोध से राष्ट्रबोध की ओर बढ़ने की एक नई यात्रा का प्रारंभ है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी पाना नहीं होना चाहिए, बल्कि आत्मनिर्भरता, नवाचार और उद्यमिता की भावना को विकसित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने युवाओं को नौकरी खोजने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजक बनने की प्रेरणा देते हुए स्टार्टअप संस्कृति को अपनाने का संदेश दिया।राज्यपाल ने कहा कि अब विद्यार्थी केवल छात्र नहीं रहे, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य के निर्माता बन चुके हैं। उन्होंने “राष्ट्र सर्वोपरि” का संदेश देते हुए युवाओं से अपने कर्म, चरित्र और संकल्प के माध्यम से देश का नाम रोशन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा, स्पेस टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते आधुनिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की सलाह भी दी।
समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। सेठ रोशन लाल जैन ट्रॉफी सुश्री आयुषी पंवार को 9.9 सीजीपीए, सुश्री डोना चौहान को 9.16 सीजीपीए तथा श्री हनी चौधरी को 9.5 सीजीपीए प्राप्त करने पर प्रदान की गई। राज्यपाल ने सभी स्वर्ण पदक विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जनपद आगमन पर जिलाधिकारी मयूर दीक्षित और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने राज्यपाल का तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत किया। समारोह में प्रो. एन.के. गोयल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट जे.सी. जैन, प्रशासनिक अधिकारी, फैकल्टी सदस्यों सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं समारोह के साक्षी बने।
दीक्षांत समारोह पूरे समय उत्साह, अनुशासन और शैक्षणिक गरिमा से ओतप्रोत रहा तथा विद्यार्थियों के चेहरों पर उपलब्धि और नए भविष्य की उम्मीद साफ झलकती दिखाई दी। विश्वविद्यालय परिसर में उल्लास का माहौल रहा और अभिभावकों ने भी इस ऐतिहासिक क्षण को गर्व के साथ देखा।






Users Today : 2