रानीपुर कोतवाली पुलिस की बड़े करवाई, वांछित आरोपी गिरफ्तार

कोतवाली रानीपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, वांछित आरोपी गिरफ्तार

हरिद्वार। कोतवाली रानीपुर पुलिस ने माननीय न्यायालय के आदेश पर एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी युवती के साथ छेड़छाड़, अपहरण के प्रयास और तमंचा दिखाकर धमकाने जैसे गंभीर मामलों में लंबे समय से फरार चल रहा था।प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 25 जनवरी 2026 को सुमननगर, रानीपुर निवासी एक व्यक्ति द्वारा पुलिस को सूचना दी गई थी कि वाजिद नामक युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर उनकी पुत्री के साथ छेड़छाड़ की और जबरन अपहरण करने का प्रयास किया। विरोध करने पर आरोपी ने मारपीट की और तमंचा दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया।घटना के आधार पर कोतवाली रानीपुर में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्चाधिकारियों के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। टीम द्वारा लगातार सुरागरसी और पतारसी करते हुए आरोपी की तलाश की जा रही थी। फरार चल रहे आरोपी के विरुद्ध न्यायालय से गैर जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया। दिनांक 18 मार्च 2026 की रात्रि में मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने सलेमपुर मार्ग से आरोपी वाजिद पुत्र मेहबूब निवासी ग्राम राजपुर, थाना रानीपुर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से एक 12 बोर तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने युवती से दोस्ती करने का प्रयास किया था। मना करने पर उसने अपने साथी के साथ मिलकर उसे जबरन ले जाने की कोशिश की, लेकिन विरोध होने पर तमंचा दिखाकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम की धारा की बढ़ोतरी करते हुए विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। उल्लेखनीय है कि आरोपी पूर्व में भी मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जेल जा चुका है, जिससे उसका आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका: इस पूरे ऑपरेशन में कोतवाली रानीपुर प्रभारी निरीक्षक आशुतोष राणा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उत्कृष्ट कार्य करते हुए अपनी सक्रियता और कुशल रणनीति का परिचय दिया। वहीं सुमननगर चौकी इंचार्ज उप निरीक्षक अर्जुन कुमार की सतर्कता, सूझबूझ और निरंतर प्रयास भी सराहनीय रहे, जिनकी मेहनत से आरोपी तक पहुंचना संभव हो पाया।टीम में शामिल कांस्टेबल जयदेव और कांस्टेबल दीपक रावत ने भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। पूरी टीम की तत्परता और समन्वय के चलते एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार कर कानून के शिकंजे में लाया गया, जिसकी क्षेत्र में व्यापक सराहना हो रही है।

error: Content is protected !!