अपने पर करम, गैरों पर सितम! बेगमपुर इंडस्ट्रियल एरिया की कंपनियों के भारी वाहनों पर उठे सवाल, स्थानीय नागरिक परेशान
हरिद्वार। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने जीरो जोन में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद बहादराबाद–धनोरी कांवड़ मार्ग से जुड़े सिद्धकुल क्षेत्र के रेगुलेटर पुल पर बेगमपुर इंडस्ट्रियल एरिया में संचालित कुछ कंपनियों के भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल उठाए हैं।सूत्रों के अनुसार, बेगमपुर इंडस्ट्रियल एरिया की कुछ कंपनियों ने अपने भारी वाहनों के लिए विशेष पास बनवा रखे हैं। बताया जा रहा है कि ये पास रात्रिकालीन आवाजाही के लिए जारी किए गए हैं, लेकिन इसके बावजूद दिन के समय भी भारी वाहन रेगुलेटर पुल से होकर गुजरते देखे जा रहे हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कुछ कंपनियों के निजी सुरक्षा गार्ड रेगुलेटर पुल पर खड़े होकर अपने वाहनों को निकलवा रहे हैं। यदि पास केवल रात के लिए हैं, तो दिन में इन वाहनों की आवाजाही किसकी अनुमति से हो रही है? यह सवाल अब लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर आम जनता और स्थानीय दोपहिया वाहन चालकों को नियमों का हवाला देकर रोका जा रहा है, वहीं दूसरी ओर भारी वाहनों के गुजरने से “अपने पर करम, गैरों पर सितम” जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को परेशानी हो रही है, बल्कि कांवड़ियों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।रेगुलेटर पुल कांवड़ यात्रा का संवेदनशील मार्ग है। यहां हर समय हजारों श्रद्धालु पैदल गुजर रहे हैं। ऐसे में दिन के समय भारी वाहनों की आवाजाही किसी भी समय बड़े हादसे का कारण बन सकती है।अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या बेगमपुर इंडस्ट्रियल एरिया की कंपनियों को दिन में भारी वाहन चलाने की अनुमति दी गई है, या फिर जारी यातायात दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हो रहा है? स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।






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