अंकिता केस में CBI जांच की मांग,तहसील का घेराव
(पत्रकार दीक्षा गुप्ता)
रुड़की। अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर उत्तराखंड की सियासत और सड़कों पर उबाल लेकर आया है। न्याय की मांग को लेकर आज उत्तराखंड एकता मंच ने नगर में जनरैली निकालते हुए तहसील परिसर स्थित जॉइंट मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान गुस्सा,आक्रोश और इंसाफ की आवाज़ साफ सुनाई दी खासकर महिलाओं के स्वर सबसे बुलंद नजर आए। हाथों में तख्तियां,जुबां पर नारे और आंखों में आक्रोश…उत्तराखंड एकता मंच के बैनर तले सैकड़ों प्रदर्शनकारी तहसील परिसर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग करते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए। महिलाओं ने साफ शब्दों में कहा कि अगर आज अंकिता को न्याय नहीं मिला तो कल कोई भी बेटी सुरक्षित नहीं रहेगी। महिलाओं का कहना था कि हम सड़क पर इसलिए उतरे हैं क्योंकि अब बहुत हो चुका है। अंकिता के साथ जो हुआ वो पूरे समाज के मुंह पर तमाचा है। सरकार बताए उस वीआईपी का नाम कौन है? सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच होनी चाहिए, तभी सच सामने आएगा। अगर दोषियों को बचाया गया तो महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी। प्रदर्शन के बाद जॉइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र सेठ को ज्ञापन सौंपा गया। जॉइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि मामले की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए,वीआईपी का नाम सार्वजनिक किया जाए साथ ही साक्ष्य मिटाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की माँग की जाए। उन्होंने बताया कि ज्ञापन की मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा।अंकिता भंडारी हत्याकांड अब सिर्फ एक मामला नहीं बल्कि न्याय की लड़ाई बन चुका है। अब सवाल यही है, क्या सरकार इस गुस्से और मांगों को सुनेगा या आंदोलन और तेज होगा?






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