कलियर उर्स की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, सभासद नाजिम त्यागी ने जिलाधिकारी से की शिकायत 30 लाख रुपये से अधिक खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था पर सवाल, भौतिक सत्यापन और निष्पक्ष जांच की मांग पिरान

कलियर उर्स की सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, सभासद नाजिम त्यागी ने जिलाधिकारी से की शिकायत
30 लाख रुपये से अधिक खर्च के बावजूद सफाई व्यवस्था पर सवाल, भौतिक सत्यापन और निष्पक्ष जांच की मांग पिरान

कलियर। दरगाह साबिर पाक के 758वें सालाना उर्स के दौरान मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम रुड़की के माध्यम से कराई जा रही सफाई व्यवस्था में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए सभासद नाजिम त्यागी ने जिलाधिकारी हरिद्वार को शिकायत पत्र भेजकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उर्स के दौरान देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में जायरीन पिरान कलियर पहुंचे। ऐसे में मेला क्षेत्र में साफ-सफाई, कूड़ा उठान और नालियों की व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। आरोप है कि इसके बावजूद उर्स क्षेत्र के कई स्थानों पर कूड़े के ढेर, गंदगी, नालियों में जमा गंदा पानी तथा सड़कों के किनारे कूड़ा-मलबा दिखाई देता रहा। इससे जायरीन के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।सभासद नाजिम त्यागी ने अपनी शिकायत में कहा है कि सफाई व्यवस्था के लिए 30 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा रही है, लेकिन इसके बावजूद मौके पर व्यवस्थाएं अपेक्षाओं के अनुरूप दिखाई नहीं दीं। उन्होंने विशेष रूप से दरगाह साबिर पाक, दरगाह इमाम साहब और दरगाह कीलिकली साहब के आसपास सफाई व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए हैं।शिकायत में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि संबंधित क्षेत्र का भौतिक सत्यापन कराया जाए और सफाई व्यवस्था में बरती गई कथित लापरवाही की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित ठेकेदार के भुगतान पर रोक लगाने तथा टेंडर में निर्धारित शर्तों के अनुसार वास्तव में कितना कार्य कराया गया, इसका मौके पर सत्यापन कराने की मांग की गई है। नाजिम त्यागी ने यह भी मांग की है कि यदि जांच में सफाई व्यवस्था में अनियमितता या लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके अलावा उर्स के दौरान सफाई व्यवस्था पर खर्च की गई धनराशि और कराए गए कार्यों का विवरण सार्वजनिक किए जाने की मांग भी की गई है।अब शिकायत के बाद लोगों की निगाहें जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि प्रशासन की ओर से मौके का निरीक्षण और जांच कराई जाती है, तो इससे सफाई व्यवस्था पर लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं, उर्स जैसे बड़े धार्मिक आयोजन में सफाई व्यवस्था को लेकर उठे सवालों ने जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर भी चर्चा तेज कर दी है।

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