हरिद्वार में “गंगा उत्सव” कार्यक्रम सम्पन्न — गंगा संरक्षण का लिया गया संकल्प
हरिद्वार । जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित के दिशा-निर्देशन में आज श्री सप्तऋषि आश्रम के प्रांगण में “गंगा उत्सव” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला गंगा संरक्षण समिति हरिद्वार एवं जिला आपदा प्राधिकरण के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ किया गया, जिसके उपरांत संचालन डॉ. श्यामलाल गौड़ द्वारा किया गया।
शुरुआत में श्रीमती मीरा रावत ने सभी उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए कहा कि —
“आज हम सब संकल्प लें कि किसी भी प्रकार से गंगा जी को दूषित नहीं करेंगे।”
उन्होंने सभी को ‘गंगा शपथ’ दिलाकर यह संदेश दिया कि गंगा की निर्मलता और स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री सत्यदेव आर्य ने कहा —
“गंगा स्वच्छता के लिए भारत सरकार अनेक परियोजनाएं चला रही है। घाटों का निर्माण, नालों कों रोकने और गंदे पानी के शोधन की दिशा में ठोस कार्य किए जा रहे हैं। गंदगी फैलाने का कार्य समाज करता है, इसलिए हमें ही यह संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी परिस्थिति में गंगा या उसकी सहायक नदियों को प्रदूषित नहीं होने देंगे।”
श्री सप्तऋषि आश्रम के प्रशासक आई.एम. गोस्वामी ने कहा
“आज समय आ गया है कि हम अपनी सोच बदलें और सरकार के स्वच्छता अभियानों में कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग दें। यह हमारी जिम्मेदारी है कि गंगा के प्रति अपनी आस्था को कर्म में बदलें।”
भूपतवाला भाग-1 के पार्षद श्री आकाश भाटी ने कहा —
“गंगा की स्वच्छता हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। समाज के द्वारा बिगाड़ी गई स्थिति को समाज ही मिलकर सुधार सकता है। आइए, आज हम सब संकल्प लें कि गंगा को किसी भी रूप में दूषित नहीं होने देंगे।”
कच्ची लाल रामेश्वर आश्रम के अध्यक्ष श्री भावेश भाई ने सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि —
“सरकार के जो भाव हैं, हम उनका सम्मान करते हैं और हर स्तर पर सहयोग देने को तत्पर हैं।”
आयोजन स्थल के मेज़बान श्री सप्तऋषि आश्रम के प्रबंधक श्री विनोद सैनी ने कहा — “यह हमारा सौभाग्य है कि गंगा उत्सव का आयोजन हमारे आश्रम में हुआ। हम आगे भी ऐसे सभी कार्यक्रमों में सहयोग देते रहेंगे।”
शांतिकुंज हरिद्वार से आए श्री शिवकुमार शर्मा ने कहा — “हम बदलेंगे, युग बदलेगा — इसी भावना से शांतिकुंज हर सरकारी प्रकल्प में सहभागी रहता है। हमारे लिए गंगा की स्वच्छता ही जीवन का लक्ष्य है।” कार्यक्रम के सफल संचालन में श्रीमती लक्ष्मी सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने अपने संबोधन में कहा —“हमें सरकार के हर प्रकल्प में सहयोग करना चाहिए और स्वच्छ भारत, स्वच्छ गंगा के अभियान को जन आंदोलन का रूप देना चाहिए।” कार्यक्रम के अंत में श्रीमती मीरा रावत ने उपस्थित सभी लोगों को “गंगा संकल्प पत्र” दिलवाया, जिसमें सबने यह शपथ ली कि वे गंगा में प्लास्टिक, पूजा सामग्री, मूर्तियाँ या कोई भी गंदगी नहीं डालेंगे तथा अन्य लोगों को भी इस दिशा में प्रेरित करेंगे।
संदेश स्पष्ट था — “स्वच्छ गंगा, निर्मल मन”
यह “गंगा उत्सव” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गंगा संरक्षण और जनजागरण की दिशा में हरिद्वार से उठाया गया एक सशक्त कदम रहा।






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