पैड़ी की मर्यादा से खिलवाड़ पड़ा भारी,अरबी वेशभूषा में वीडियो बना रहे दो युवक पुलिस हिरासत में

पैड़ी की मर्यादा से खिलवाड़ पड़ा भारी

अरबी वेशभूषा में वीडियो बना रहे दो युवक पुलिस हिरासत में

हरिद्वार । धार्मिक नगरी हरिद्वार की विश्वविख्यात हरकी पैड़ी पर सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाना दो युवकों को भारी पड़ गया। अरबी (शेख) वेशभूषा में संदिग्ध तरीके से घूमते हुए वीडियो बना रहे दोनों युवकों को कोतवाली नगर पुलिस ने कुछ ही घंटों में चिन्हित कर हिरासत में ले लिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार को दो युवक अरबी पहनावे में हरकी पैड़ी क्षेत्र में घूमते देखे गए। स्थानीय पंडितों एवं श्रद्धालुओं द्वारा इस वेशभूषा पर आपत्ति जताए जाने पर युवकों ने बहस करते हुए कहा कि वे भारत में कहीं भी घूम सकते हैं। स्थिति बिगड़ती देख दोनों युवक वेश बदलकर वहां से चले गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार द्वारा त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए। प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य तकनीकी माध्यमों से तलाश की गई, जिसके बाद दोनों युवकों को रावली महदूद, सिडकुल क्षेत्र से कुछ ही घंटों में हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में युवकों ने अपना नामनवीन कुमार पुत्र मुन्ना, उम्र 22 वर्ष, निवासी रावली महदूद, सिडकुल एवं प्रिंस पुत्र सोमपाल, उम्र 22 वर्ष, निवासी जपता नगर, थाना रहे, जनपद बिजनौर (वर्तमान पता रावली महदूद, सिडकुल) बताया है। वहीं दोनों युवकों ने स्वीकार किया कि उनका एक यूट्यूब चैनल है और अधिक लाइक व कमेंट पाने के उद्देश्य से वे इस प्रकार के वीडियो बनाते हैं। इससे पूर्व भी वे पेंटागन मॉल एवं शिवालिक नगर में इसी तरह के वीडियो बना चुके हैं। हरकी पैड़ी पर वीडियो बनाना उनकी भूल थी। युवकों ने अपने कृत्य के लिए माफी मांगते हुए कहा कि यदि किसी की धार्मिक भावना आहत हुई हो तो वे उसके लिए क्षमाप्रार्थी हैं और भविष्य में इस प्रकार की वीडियो नहीं बनाएंगे। पुलिस ने दोनों युवकों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए सख्त हिदायत दी कि भविष्य में धार्मिक स्थलों की गरिमा के साथ कोई खिलवाड़ न किया जाए। हरिद्वार पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि किसी भी घटना की सत्यता जाने बिना आधी-अधूरी या भ्रामक वीडियो/सूचनाएं सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें। ऐसे मामलों में सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों को भी चिन्हित कर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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