राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, हाईस्कूल व प्राथमिक विद्यालय में धूमधाम से मनाया गया 77वां गणतंत्र दिवस
हरिद्वार। जनपद हरिद्वार के ब्रालॉक बहादराबाद के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय हाईस्कूल एवं प्राथमिक विद्यालय में 77वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास, गरिमा एवं देशभक्ति के वातावरण में मनाया गया। समारोह का विधिवत शुभारंभ विद्यालय परिसर में प्रधानाध्यापक रमेश शाक्य द्वारा ध्वजारोहण के साथ किया गया। ध्वजारोहण के उपरांत राष्ट्रगान गाया गया और तिरंगे को सलामी दी गई। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक रमेश शाक्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए भारतीय संविधान के महत्व, नागरिक अधिकारों एवं कर्तव्यों पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक राष्ट्रीय उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमें यह स्मरण कराता है कि हर नागरिक के अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का पालन करना भी समान रूप से आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को अनुशासन, ईमानदारी, राष्ट्रभक्ति और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने के लिए प्रेरित किया। प्रधानाध्यापक रमेश शाक्य ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि संविधान हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है और इसका पालन प्रत्येक नागरिक का नैतिक एवं सामाजिक दायित्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया कि वे न केवल अपने शैक्षणिक जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करें, बल्कि समाज में अच्छे नागरिक के रूप में भी योगदान दें। उनके विचारों ने विद्यार्थियों के मन में देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को और प्रबल किया। कार्यक्रम में शिक्षिका हेमलता सहित विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत कविताएं, भाषण और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिनमें भारत के सांस्कृतिक विविधता, स्वतंत्रता संग्राम की गौरव गाथाएं और संविधान के महत्व को रेखांकित किया गया। उपस्थित अभिभावकों व अतिथियों ने इन प्रस्तुतियों की सराहना की और विद्यार्थियों के उत्साह एवं प्रतिभा की प्रशंसा की। पूरा विद्यालय परिसर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’ के जयघोष से गूंज उठा। समारोह के अंत में विद्यार्थियों को मिष्ठान वितरित किए गए और कार्यक्रम के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए विद्यालय परिवार की प्रशंसा की गई। इस आयोजन ने विद्यार्थियों के मन में देशप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अनुशासन और संविधान के प्रति सम्मान की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया। प्रधानाध्यापक रमेश शाक्य के मार्गदर्शन और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता से यह समारोह न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह विद्यार्थियों के नैतिक और सामाजिक विकास का भी एक प्रेरक अवसर बन गया।






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