हरिद्वार में नशे के खिलाफ निर्णायक जंग — SSP नवनीत सिंह की रणनीति और बहादराबाद में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह की सख़्त कार्यशैली बनी मिसाल,21.560 किलोग्राम वाणिज्यिक मात्रा अवैध गांजे के साथ बहादराबाद पुलिस ने एक तस्कर दबोचा

हरिद्वार में नशे के खिलाफ निर्णायक जंग — SSP नवनीत सिंह की रणनीति और बहादराबाद में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह की सख़्त कार्यशैली बनी मिसाल

हरिद्वार। देवभूमि हरिद्वार को नशामुक्त बनाने की दिशा में जनपद पुलिस द्वारा छेड़ी गई मुहिम अब असर दिखाने लगी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस लगातार मादक पदार्थ तस्करों पर कड़ा शिकंजा कस रही है। “ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन” को केवल कागज़ों तक सीमित न रखते हुए उसे ज़मीन पर उतारने का काम जिस सक्रियता से किया जा रहा है, उसकी चर्चा अब आमजन के बीच भी होने लगी है। SSP नवनीत सिंह ने पदभार संभालते ही साफ कर दिया था कि हरिद्वार में नशे का कारोबार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल औपचारिकता नहीं बल्कि प्राथमिकता होगी। यही कारण है कि जनपद के विभिन्न थाना क्षेत्रों में लगातार चेकिंग अभियान, दबिश और गिरफ्तारी की कार्रवाइयाँ तेज़ हुई हैं।इसी क्रम में कोतवाली बहादराबाद क्षेत्र पुलिस की कार्रवाई विशेष रूप से चर्चा में है। प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने क्षेत्र में लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाकर नशा तस्करों की कमर तोड़ने का काम किया है। हाल ही में भारी मात्रा में अवैध गांजे के साथ तस्कर की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि बहादराबाद पुलिस केवल गश्त नहीं कर रही, बल्कि सटीक सूचना, रणनीति और सतर्कता के साथ काम कर रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह ने क्षेत्र में अपराध नियंत्रण को लेकर अलग ही कार्यशैली अपनाई है। देर रात गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग, मुखबिर तंत्र को सक्रिय करना और पुलिस टीम के साथ स्वयं मैदान में उतरना उनकी कार्यप्रणाली की पहचान बन चुका है। इसका परिणाम यह है कि क्षेत्र में नशा बेचने वालों और असामाजिक तत्वों में भय का माहौल है, जबकि आम नागरिक खुद को अधिक सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।जनता यह भी मानती है कि SSP नवनीत सिंह की कड़ी मॉनिटरिंग और स्पष्ट नीति के कारण थाना स्तर पर पुलिस और अधिक जवाबदेह हुई है। लगातार समीक्षा बैठकों, निर्देशों और फीडबैक व्यवस्था से पुलिसिंग में तेज़ी आई है। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और थाना प्रभारियों की सक्रियता के इस समन्वय ने हरिद्वार पुलिस की छवि को मजबूत किया है। युवाओं को नशे से बचाने की इस मुहिम को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए पुलिस आमजन से भी सहयोग की अपील कर रही है। पुलिस का मानना है कि समाज और पुलिस मिलकर ही नशे के इस जाल को तोड़ सकते हैं। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना देने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखने की बात भी पुलिस द्वारा कही जा रही है, जिससे लोग आगे आकर सहयोग कर सकें।
निस्संदेह, जिस प्रकार SSP नवनीत सिंह के नेतृत्व और प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह की कार्यकुशलता से कार्रवाई हो रही है, वह हरिद्वार को नशामुक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

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