राजपुर कांड के बाद सुमन नगर चौकी पर हंगामा, मासूम बच्चियों के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की

राजपुर कांड के बाद सुमन नगर चौकी पर हंगामा, मासूम बच्चियों के परिजनों ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की

 

हरिद्वार। रानीपुर कोतवाली क्षेत्र के राजपुर गांव में दो मासूम बच्चियों के साथ कथित अश्लील हरकत के आरोपों ने रविवार को पूरे इलाके का माहौल गरमा दिया। घटना के बाद बच्चियों के परिजनों, ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का गुस्सा उस समय खुलकर सामने आ गया, जब बड़ी संख्या में लोग सुमन नगर चौकी पहुंच गए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। चौकी परिसर के बाहर काफी देर तक भीड़ जमा रही, लोगों ने पुलिस से तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। मामले की संवेदनशीलता और दो समुदायों से जुड़े होने के कारण पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आया।जानकारी के मुताबिक, मामला राजपुर गांव का है, जहां रविवार दोपहर करीब दो बजे एक सात वर्षीय बच्ची अपनी दूसरी नाबालिग साथी के साथ गांव में स्थित एक जनरल स्टोर पर सामान लेने गई थी। परिजनों के अनुसार काफी समय बीत जाने के बाद भी जब दोनों बच्चियां घर वापस नहीं लौटीं तो परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई। पहले आसपास तलाश की गई, फिर गांव के अलग-अलग हिस्सों में बच्चियों को खोजा गया। बच्चियों के नहीं मिलने पर परिजन बेहद परेशान हो उठे और गांव में भी बेचैनी का माहौल बन गया। बताया गया कि बच्चियों की तलाश में मस्जिद से भी अनाउंसमेंट कराया गया, ताकि यदि किसी ने उन्हें कहीं देखा हो तो तुरंत सूचना मिल सके।करीब ढाई घंटे बाद बच्चियों का सुराग मिलने से मामला और गंभीर हो गया। परिजनों का आरोप है कि बच्चियों की तलाश करते हुए परिवार की एक महिला संबंधित जनरल स्टोर तक पहुंची, जहां दोनों बच्चियां मौजूद थीं। आरोप है कि दुकान के अंदर एक बच्ची आरोपी दुकानदार की गोद में बैठी हुई थी, जबकि दूसरी बच्ची भी वहीं मौजूद थी। महिला ने जब यह दृश्य देखा तो उसने शोर मचा दिया। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और दोनों बच्चियों को वहां से घर ले जाया गया। इसके बाद घर पहुंचने पर बच्चियां काफी सहमी हुई थीं और शुरुआत में कुछ भी बोलने की स्थिति में नहीं थीं। परिजनों का कहना है कि काफी समझाने-बुझाने और भरोसा दिलाने के बाद बच्चियों ने रोते हुए अपने साथ हुई कथित घटना की जानकारी दी।यहीं से पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया। बच्चियों की आपबीती सुनते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने आसपास के लोगों को घटना की जानकारी दी। देखते ही देखते राजपुर गांव में चर्चा फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण आरोपी की दुकान की ओर पहुंच गए। आरोप है कि दुकानदार ने मासूम बच्चियों के साथ अश्लील हरकत की। इस बात से ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया और लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनने लगी। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और आरोपी को भीड़ के बीच से निकालकर अपने कब्जे में लिया। इसके बाद उसे पूछताछ के लिए ले जाया गया।मामले में कथित सीसीटीवी फुटेज ने लोगों के गुस्से को और बढ़ा दिया। परिजनों का दावा है कि दुकान में लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग में बच्ची काफी देर तक आरोपी की गोद में बैठी दिखाई दे रही है। यह भी आरोप लगाया गया कि बच्ची कई बार वहां से उठने की कोशिश करती नजर आई, लेकिन आरोपी उसे अपने पास रोके हुए था।हालांकि इस फुटेज की वास्तविकता और उसमें दर्ज घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी, लेकिन गांव में फुटेज की चर्चा फैलते ही माहौल और अधिक गर्मा गया। लोगों का कहना था कि यदि आरोप सही हैं, तो यह बेहद गंभीर और शर्मनाक मामला है, जिसमें किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जानी चाहिए।इसी आक्रोश के बीच देर शाम मामला सुमन नगर चौकी तक पहुंच गया। बच्चियों के परिजन, ग्रामीण और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग चौकी पर एकत्र हो गए। चौकी के बाहर काफी देर तक हंगामा होता रहा। लोगों ने पुलिस से मांग की कि आरोपी के खिलाफ तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाए, उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए और पूरे मामले में किसी तरह की ढिलाई न बरती जाए। चौकी पहुंचे लोगों का कहना था कि मासूम बच्चियों के साथ हुई कथित हरकत ने पूरे समाज को झकझोर दिया है और यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो लोगों का कानून से भरोसा कमजोर होगा। कुछ लोगों ने पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने की कोशिश भी की, जबकि परिजन लगातार न्याय की गुहार लगाते रहे।सुमन नगर चौकी पर बढ़ती भीड़ और तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए सुमन नगर चौकी इंचार्ज राकेश कुमार ने संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है और तहरीर के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की और कहा कि किसी भी निर्दोष को फंसाया नहीं जाएगा, लेकिन यदि आरोप सही पाए गए तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है। इसके बावजूद लोगों का आक्रोश देर तक शांत नहीं हुआ और चौकी परिसर के बाहर नारेबाजी तथा बहस का दौर चलता रहा।चूंकि मामला दो समुदायों से जुड़ा बताया जा रहा है, इसलिए पुलिस ने कानून-व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतनी शुरू कर दी। राजपुर गांव, सुमन नगर चौकी क्षेत्र और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की निगरानी बढ़ा दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अफवाह, भड़काऊ टिप्पणी या माहौल खराब करने की कोशिश पर सख्त नजर रखी जा रही है। स्थानीय लोगों से अपील की गई कि वे सोशल मीडिया या आपसी बातचीत में अपुष्ट जानकारी न फैलाएं और जांच पूरी होने तक धैर्य बनाए रखें।पीड़ित परिवार ने आरोपी दुकानदार के खिलाफ लिखित तहरीर देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले में तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की गई है और बच्चियों के बयान, परिजनों के आरोप, कथित सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि बच्चियां दुकान पर किस परिस्थिति में पहुंचीं, वहां कितनी देर रहीं और उनके साथ वास्तव में क्या हुआ। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद राजपुर गांव से लेकर सुमन नगर चौकी तक पूरे दिन इस प्रकरण की चर्चा होती रही। बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के समर्थन में सामने आए और बच्चियों को न्याय दिलाने की मांग करते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह मामला सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदनशीलता और बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा प्रश्न है। वहीं पुलिस प्रशासन फिलहाल पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सक्रिय है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

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