साबिर पाक ने जो गुलर की शाख 12 साल तक पकड़े के की थी इबादत उसकी पहली बार कराई जियारत : सूफी मेराज साबरी 
पिरान कलियर/ आज सय्यद सूफी हाफिज मेराज हुसैन साबरी सज्जादा नशीन दरगाह हजरत ख्वाजा शमसुद्दीन तुर्क पानीपती रह० एवं हजरत बाबा गुलाम जिलानी साबरी के सज्जादा नशीन ने जानकारी देते हुए बताया है कि दरगाह हजरत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर पाक रह० ने जो गुलर की शाख 12 साल तक पकड़कर इबादत की थी उस गुलर की शाखो को पहली बार साबिर पाक के 756 वे उर्स के मौके पर जियारत कराई इसकी जायरत के लिए शाखों को 12 रबीउल अव्वल बाद नमाज – ए – जोहर साबिर पाक के आंगन में रकखा गया और आमो ख़ास को जियारत कराई गई। सय्यद सूफी हाफिज मेराज हुसैन साबरी ने बताया कि यह शाखे हमारे पिरो मुर्शीद से हमें मिली है और हमारे पिरो मुर्शीद को उनके पिरो मुर्शीद को मिली ऐसे ही सिलसिले वार ये मुबारक गुलर की शाखाएं हमे मिली है जिसे आज तक महफूज रखा गया है और आज पहली बार उर्स के मौके पर इन्हे कलियर शरीफ में जियारत के लिए रखा गया है। इस मुबारक मौके पर अजमेर के सज्जादा नशीन बिलाल मिया चिस्ती,पूर्व उत्तराखंड वक्फ बोर्ड अध्यक्ष अकरम अली,पूर्व विधायक मुरादाबाद हाजी जुनैद इकराम कुरैशी, राशिद अली साबरी, शान साबरी,तसलीम साबरी खादिम इस्तखार अमन साबरी,सहित काफी संख्या में मुरीदैन उपस्थित रहे।






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