मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित प्राचीन श्री दक्ष प्रजापति दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक, हवन एवं पूजन-अर्चन किया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित प्राचीन श्री दक्ष प्रजापति दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक, हवन एवं पूजन-अर्चन किया

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार पहुंचे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कनखल स्थित प्राचीन श्री दक्ष प्रजापति दक्षेश्वर महादेव मंदिर में विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक, हवन एवं पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और निर्बाध विकास की कामना की। मंदिर परिसर में साधु-संतों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री के आगमन से पूरे क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी दर्शन-पूजन के लिए मंदिर परिसर में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि महादेव की नगरी हरिद्वार आकर उन्हें विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा की अनुभूति होती है। यही ऊर्जा प्रदेश में चल रहे विकास कार्यों को नई गति और दिशा देने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को सहेजते हुए विकास को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है। दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर साधु-संतों से विस्तृत संवाद किया। उन्होंने कुंभ मेले को भव्य, दिव्य और सुरक्षित बनाने के लिए समय रहते ठोस एवं प्रभावी योजनाओं पर कार्य करने का भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री ने संत समाज से सुझाव भी लिए ताकि यह आयोजन ऐतिहासिक और यादगार बन सके। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन को लेकर कहा कि उनके संगठनात्मक अनुभव से पार्टी को मजबूती मिलेगी और युवाओं में नया उत्साह एवं ऊर्जा का संचार होगा। मुख्यमंत्री के हरिद्वार दौरे को देखते हुए शहर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी पूरे समय अलर्ट मोड पर तैनात रहे, जिससे कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।

प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा उत्थान महा अभियान (पीएम- कुसुम) योजना के अंतर्गत आज बुधवार को जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर से जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना।

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