जनसुनवाई में 70 शिकायतें दर्ज, 34 का मौके पर निस्तारण
सीएम हेल्पलाइन की 36 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर डीएम मयूर दीक्षित सख्त, 31 अगस्त तक निस्तारण के निर्देश
हरिद्वार । जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष रखीं।जनसुनवाई कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 70 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 34 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई एवं त्वरित निस्तारण के लिए प्रेषित किया गया।जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत को गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ लेते हुए निर्धारित समयसीमा में उसका समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सड़क किनारे नाली निर्माण की मांग
जनसुनवाई में मीरपुर मुआजपुर निवासी सुभाष चंद ने बताया कि उनके मकान के सामने नई टाइल्स रोड बनाई गई है, लेकिन मार्ग के दोनों ओर बरसाती पानी की निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किया गया है। इसके कारण बारिश के दौरान पानी उनके घर में घुस जाता है। उन्होंने सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण कराने की मांग की।
प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग
धीरमजरा निवासी राम कुमार पुत्र किरत सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया।
मरीज के गोल्डन कार्ड से इलाज का मामला
इंडस्ट्रियल एरिया बहादराबाद निवासी सुचित्रा ने बताया कि उनके पति वेद प्रकाश का किडनी का उपचार हिमालयन अस्पताल में चल रहा है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उपचार कराने में परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में गोल्डन कार्ड से इलाज करने से मना किया गया है। उन्होंने गोल्डन कार्ड के माध्यम से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।
भूमि पर कब्जे के प्रयास की शिकायत
जमालपुरकला निवासी रमेश कुमार पुत्र प्रेम सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी भूमि पर कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने राजस्व विभाग से भूमि की निष्पक्ष जांच एवं पैमाइश कराकर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्षतिग्रस्त मकान के लिए आर्थिक सहायता की मांग
किशनपुर निवासी अर्जुन ने मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया।
सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग
ग्राम दिनारपुर निवासी गुरमेल सिंह ने बताया कि उनकी भूमि, जिसका खसरा संख्या 637 है, तक जाने के लिए रास्ता उपलब्ध नहीं है। उन्होंने भूमि की पैमाइश कराकर सार्वजनिक रास्ता खुलवाने की मांग की।इसी प्रकार नेतवाल सेदाबाद, लक्सर निवासी रामकुमार ने खसरा नंबर 48 में स्थित अपनी भूमि पर एक व्यक्ति द्वारा कब्जा करने के प्रयास की शिकायत की। उन्होंने भूमि की पैमाइश कराने की मांग की।
अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में जनता द्वारा दर्ज कराई जाने वाली प्रत्येक शिकायत का त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन शिकायतों के निस्तारण के लिए स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए मौके पर जाकर जांच करें और समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर डीएम सख्त
जनसुनवाई के बाद जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए।जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन सभी शिकायतों का 31 अगस्त तक हर हाल में निस्तारण करने को कहा।समीक्षा के दौरान बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन में एल-1 स्तर पर 382 शिकायतें तथा एल-2 स्तर पर 98 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इन शिकायतों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए। साथ ही शिकायतकर्ताओं से सिस्टम के माध्यम से फोन पर वार्ता कर उनकी समस्या एवं निस्तारण की स्थिति की जानकारी लेने को भी कहा।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समयसीमा में शिकायतों का निस्तारण नहीं होने पर संबंधित अधिकारी के अगस्त माह के वेतन के संबंध में कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रखते हुए वास्तविक रूप से समस्या का समाधान किया जाए।जनसुनवाई कार्यक्रम में डीएफओ स्वप्निल अनिरुद्ध, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह, परियोजना निदेशक नलिनीति घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, सीओ सदर एसपी बलूनी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नलिनी ध्यानी, प्रोजेक्ट मैनेजर पेयजल निगम (गंगा) मीनाक्षी मित्तल, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, अधिशासी अभियंता जल निगम आरके गुप्ता, अधिशासी अभियंता यूपीसीएल दीपक सैनी, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत सहित संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।






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