नवनियुक्त एसएसपी नवनीत सिंह की अगुवाई में जनपद पुलिस का पहला बड़ा खुलासा गुमशुदगी निकली हत्या — महंत बृजेश दास हत्याकांड का पर्दाफाश, दंपत्ति सहित तीन गिरफ्तार

नवनियुक्त एसएसपी नवनीत सिंह की अगुवाई में जनपद पुलिस का पहला बड़ा खुलासा
गुमशुदगी निकली हत्या — महंत बृजेश दास हत्याकांड का पर्दाफाश, दंपत्ति सहित तीन गिरफ्तार

हरिद्वार। जनपद में कार्यभार संभालते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। रविदास आश्रम में रहने वाले महंत बृजेश दास की गुमशुदगी की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने हत्या का राज़ खोल दिया और दंपत्ति सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

लापता बाबा की तलाश से खुला राज

ग्राम मोहम्मद बेगपुर उर्फ टकाभरी निवासी श्याम सिंह ने 10 फरवरी 2026 को कोतवाली भगवानपुर में प्रार्थनापत्र देकर बताया कि रविदास आश्रम निवासी महात्मा बृजेश दास 5 फरवरी 2026 से अचानक लापता हैं। सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की। थाना भगवानपुर पुलिस और सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और संपर्क सूत्रों की पड़ताल की तो महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे। जांच में सामने आया कि महंत बृजेश दास का बागपत निवासी एक महिला से लगातार संपर्क था और आखिरी बातचीत भी उसी से हुई थी।

पूछताछ में खुला खौफनाक सच

पुलिस ने जब महिला और उसके पति को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। महिला ने बताया कि बृजेश दास पुराना परिचित था और रिश्तेदारी के कारण अक्सर घर आता-जाता था, लेकिन वह मानसिक और आर्थिक दबाव बना रहा था। इससे परेशान होकर महिला ने 5 फरवरी को उसे घर बुलाया, जहां पहले से बनाई योजना के तहत महिला के पति ने कुल्हाड़ी से वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने अपने भाई की मदद से शव और मोटरसाइकिल को रात के अंधेरे में नदी में बहा दिया।

सबूत मिटाने की कोशिश

अपराध छिपाने के लिए

आरोपियों ने मृतक का मोबाइल फोन, कपड़े, बिस्तर, चादर और अन्य सामान को आग लगाकर नष्ट करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस की बारीक जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। बरामदगी आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस टीम ने नदी किनारे से महंत बृजेश दास का शव भूसे के ढेर में छिपाई गई कुल्हाड़ी मोबाइल के अधजले पार्ट्स व बैटरी जले कपड़ों की राख बरामद कर महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए। पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका थाना भगवानपुर व सीआईयू रुड़की की संयुक्त टीम की विशेष भूमिका रही। टीम में प्रभारी निरीक्षक राजीव रौथाण, उपनिरीक्षक नीरज रावत, उपनिरीक्षक बालाराम जोशी, एएसआई मनोज कुमार, कांस्टेबल संजीव यादव, उवैदउल्लाह, संजय पंवार, महिला कांस्टेबल अनुपमा तथा महिपाल (CIU रुड़की) शामिल रहे, जिन्होंने लगातार मेहनत, तकनीकी विश्लेषण और सूझबूझ से मामले का सफल अनावरण किया। एसएसपी नवनीत सिंह ने खुलासा करने वाली टीम की सराहना करते हुए कहा कि जनपद में अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस हर गुमशुदगी को गंभीरता से ले रही है और वैज्ञानिक व तकनीकी जांच के माध्यम से अपराधियों तक पहुंच रही है। इस खुलासे के बाद क्षेत्र में पुलिस के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है तथा साफ संदेश गया है कि कानून से बच पाना अब अपराधियों के लिए आसान नहीं।

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