20 घंटे में 3 वर्षीय मासूम की सकुशल बरामदगी, झबरेड़ा पुलिस की बड़ी सफलता
प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह की अगुवाई में त्वरित कार्रवाई, अपहरणकर्ता गिरफ्तार
झबरेडा । हरिद्वार जनपद की झबरेड़ा पुलिस ने एक बार फिर अपनी सतर्कता, दक्षता और तेज कार्रवाई का परिचय देते हुए महज 20 घंटे के भीतर तीन वर्षीय अपहृत मासूम बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। इस सराहनीय कार्यवाही से पूरे क्षेत्र में पुलिस की जमकर प्रशंसा हो रही है। दिनांक 14 मई 2026 को भगतोवाली निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली झबरेड़ा पहुंचकर सूचना दी कि शादी समारोह के दौरान उसका तीन वर्षीय बच्चा अचानक लापता हो गया है। काफी तलाश के बाद भी बच्चे का कोई पता नहीं चल पाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली झबरेड़ा पुलिस ने तत्काल अपहरण का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की सूचना मिलते ही एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश देते हुए विशेष टीम गठित की। पूरे ऑपरेशन की निगरानी एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल को सौंपी गई। प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने सर्विलांस, कॉल डिटेल और मुखबिर तंत्र की मदद से लगातार कार्रवाई करते हुए संदिग्ध गरजा उर्फ गजे को हिरासत में लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपहरण की बात स्वीकार की और अपने अन्य साथियों के नाम भी बताए। जांच के दौरान सामने आया कि मासूम बच्चे का अपहरण कथित तौर पर तंत्र-मंत्र और जादू-टोने के उद्देश्य से किया गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने ताबड़तोड़ दबिश देते हुए सकरपुर गांव से पुरकाजी रोड स्थित एलबीएस भट्टे के पास पहुंचकर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस को देखते ही एक आरोपी बच्चे को छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस पूरे अभियान में प्रभारी निरीक्षक विजय सिंह की नेतृत्व क्षमता, तत्परता और टीमवर्क की हर तरफ सराहना हो रही है। समय रहते की गई पुलिस कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और मासूम सुरक्षित अपने परिजनों तक पहुंच सका। क्षेत्रीय जनता ने झबरेड़ा पुलिस और हरिद्वार पुलिस की इस सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए पुलिस टीम को बधाई दी है। सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय स्तर तक पुलिस की कार्यशैली की जमकर प्रशंसा की जा रही है।पुलिस टीम में व0उ0नि0 सतेन्द्र भंडारी, उ0नि0 जय सिंह राणा, हे0का0 रामवीर, हे0का0 विकास, कानि0 सुरेंद्र सिंह, कानि0 बसंत कुमार तथा एसओजी रुड़की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही।






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