कांग्रेस में बड़ी कार्रवाई: ज्वालापुर विधानसभा के दो नेताओं को 6 वर्ष के लिए किया निष्कासित

कांग्रेस में बड़ी कार्रवाई: ज्वालापुर विधानसभा के दो नेताओं को 6 वर्ष के लिए किया निष्कासित

पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता के आरोप में जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालेश्वर सिंह का सख्त फैसला, संगठन में मचा राजनीतिक हलचल

हरिद्वार। उत्तराखंड कांग्रेस में अनुशासनहीनता के खिलाफ जिला कांग्रेस कमेटी हरिद्वार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ज्वालापुर विधानसभा से जुड़े दो वरिष्ठ नेताओं को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालेश्वर सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दोनों नेताओं की लगातार पार्टी विरोधी गतिविधियां और अनुशासनहीनता संगठन की गरिमा के विपरीत पाई गईं, जिसके चलते यह कठोर निर्णय लिया गया।
जारी आदेश के अनुसार निष्कासित नेताओं में नासिर अली, जो किसान कांग्रेस उत्तराखंड के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं, तथा जुनेद राणा, जो कोटामुरादनगर के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष रहे हैं, शामिल हैं। दोनों नेता ज्वालापुर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े हुए हैं।
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि दोनों नेताओं द्वारा लंबे समय से पार्टी की नीतियों और संगठनात्मक अनुशासन के विपरीत कार्य किए जा रहे थे। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस प्रकार की गतिविधियों से संगठन की छवि को नुकसान पहुंच रहा था और कार्यकर्ताओं के बीच गलत संदेश जा रहा था। इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए कांग्रेस संविधान के प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से दोनों नेताओं की प्राथमिक सदस्यता छह वर्षों के लिए समाप्त कर दी गई।जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालेश्वर सिंह ने कहा कि कांग्रेस संगठन में अनुशासन सर्वोपरि है और कोई भी व्यक्ति पद से बड़ा नहीं है। पार्टी की विचारधारा, नीतियों और संगठनात्मक मर्यादा के खिलाफ कार्य करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संगठन को मजबूत बनाए रखने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बनाए रखने के लिए अनुशासन आवश्यक है।इस कार्रवाई के बाद हरिद्वार की राजनीति में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी शुरू हो गई है कि क्या पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप झेल रहे अन्य नेताओं के खिलाफ भी कांग्रेस इसी प्रकार की अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी। हालांकि इस संबंध में पार्टी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस संगठन अनुशासन को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। ऐसे में यह कार्रवाई संगठन के भीतर स्पष्ट संदेश देती है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों और अनुशासनहीनता को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।फिलहाल इस कार्रवाई ने हरिद्वार कांग्रेस की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और आने वाले दिनों में संगठन के भीतर इसके दूरगामी राजनीतिक प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।

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