हरिद्वार में मास्टर प्लान 2026-41 लागू न होने से बढ़ रही अव्यवस्था अनियोजित विकास, अवैध निर्माण और बुनियादी सुविधाओं पर पड़ रहा असर

हरिद्वार में मास्टर प्लान 2026-41 लागू न होने से बढ़ रही अव्यवस्था

अनियोजित विकास, अवैध निर्माण और बुनियादी सुविधाओं पर पड़ रहा असर

(रिपोर्ट दिलदार अब्बासी)

हरिद्वार । हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण द्वारा प्रस्तावित नया मास्टर प्लान 2026-41 अब तक लागू नहीं हो पाया है। यह मास्टर प्लान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना था, लेकिन अभी तक इसके लागू न होने से जिले में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अनियोजित विकास, अवैध निर्माण, भूमि विवाद और बुनियादी सुविधाओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि मास्टर प्लान लागू न होने से भवन निर्माण और नक्शा पास कराने की प्रक्रिया में भारी असमंजस बना हुआ है। कई लोग महीनों से अपने मकान और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के नक्शे पास होने का इंतजार कर रहे हैं। फाइलें लंबित होने के कारण लोगों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। शहर में बिना स्वीकृत नक्शों के निर्माण तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो भविष्य में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई और कानूनी विवाद बढ़ सकते हैं। साथ ही बिजली, पानी और सीवर कनेक्शन जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से नई कॉलोनियां विकसित हो रही हैं, लेकिन स्पष्ट नियम और भूमि उपयोग नीति न होने के कारण भविष्य में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को जल्द नया मास्टर प्लान लागू करना चाहिए ताकि लोगों को बाद में परेशानी न उठानी पड़े। शहरी क्षेत्रों में लगातार बढ़ती आबादी के बावजूद योजनाबद्ध विकास नहीं हो पा रहा है। ट्रैफिक जाम, जलभराव और पार्किंग जैसी समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते मास्टर प्लान लागू नहीं किया गया तो हरिद्वार में अव्यवस्थित शहरीकरण की समस्या और गंभीर हो जाएगी। व्यापारियों और निवेशकों का कहना है कि मास्टर प्लान लागू न होने से जमीन की खरीद-फरोख्त और निवेश पर भी असर पड़ रहा है। लोग स्पष्ट नीति का इंतजार कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी कानूनी परेशानी का सामना न करना पड़े। शहरी विकास विशेषज्ञों का मानना है कि हरिद्वार धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से तेजी से विकसित हो रहा शहर है। ऐसे में सुनियोजित विकास के लिए नया मास्टर प्लान बेहद जरूरी है। यदि इसे जल्द लागू नहीं किया गया तो आने वाले समय में पर्यावरणीय और शहरी समस्याएं गंभीर रूप ले सकती हैं।जनता ने शासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण से जल्द मास्टर प्लान 2026-41 लागू करने की मांग की है, ताकि जिले का विकास व्यवस्थित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप हो सके।

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