शिवालिक नगर में CITU उत्तराखण्ड की दो दिवसीय सांगठनिक कार्यशाला शुरू, श्रम संहिताओं के खिलाफ संघर्ष का बनेगा रोडमैप
हरिद्वार। शिवालिक नगर, हरिद्वार में शनिवार से Centre of Indian Trade Unions (CITU) उत्तराखण्ड की दो दिवसीय राज्य स्तरीय सांगठनिक कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। 16 एवं 17 मई तक चलने वाली इस कार्यशाला में प्रदेशभर की विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों और श्रमिक नेताओं ने भाग लिया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य CITU के 18वें अखिल भारतीय सम्मेलन द्वारा तय किए गए संगठनात्मक कार्यक्रमों और रणनीतियों पर चर्चा कर उन्हें अंतिम रूप देना है। इस दौरान श्रमिक हितों से जुड़े मुद्दों, संगठन विस्तार और आगामी आंदोलनों की रूपरेखा पर गहन मंथन किया जाएगा।
कार्यशाला में विशेष रूप से केंद्र सरकार की ‘श्रम संहिताओं’ (Labour Codes) के खिलाफ व्यापक जनसंघर्ष की रणनीति तैयार करने पर जोर दिया गया। साथ ही राज्य में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 26 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग को लेकर भविष्य में बड़े आंदोलन चलाने की योजना पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ जुझारू प्रतिरोध और व्यापक जनआंदोलन खड़े किए जाएंगे।इस अवसर पर CITU के राष्ट्रीय सचिव के.एन. उमेश ने कहा कि देशभर में मजदूरों के अधिकारों पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिसके खिलाफ संगठित संघर्ष की आवश्यकता है। उन्होंने श्रमिक एकता को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर संगठन विस्तार पर बल दिया।प्रदेश अध्यक्ष एम.पी. जखमोला ने कहा कि श्रमिकों की समस्याओं को लेकर राज्यभर में आंदोलन तेज किए जाएंगे। महासचिव राजेंद्र नेगी ने संगठनात्मक मजबूती और नए श्रमिकों को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। सचिव लेखराज और कोषाध्यक्ष मनमोह सिंह ने भी कार्यशाला को संबोधित करते हुए श्रमिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया।दो दिवसीय इस कार्यशाला में विभिन्न जिलों से पहुंचे प्रतिनिधि श्रमिकों के मौजूदा हालात, रोजगार सुरक्षा, वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। संगठन का कहना है कि आने वाले समय में राज्यभर में चरणबद्ध आंदोलन चलाकर मजदूरों की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा।






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