बेटी की कामयाबी पर गर्व: राव फलक को पूर्व राज्य मंत्री सुबोध राकेश ने किया सम्मानित,गांव की बेटी राव फलक का सम्मान, सीबीएसई इंटरमीडिएट में 95% अंक लाकर बढ़ाया गांव और क्षेत्र का मान

बेटी की कामयाबी पर गर्व: राव फलक को पूर्व राज्य मंत्री सुबोध राकेश ने किया सम्मानित

गांव की बेटी राव फलक का सम्मान, सीबीएसई इंटरमीडिएट में 95% अंक लाकर बढ़ाया गांव और क्षेत्र का मान

 

हरिद्वार। सीबीएसई बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपने परिवार, गांव और पूरे क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली होनहार छात्रा राव फलक का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर पूर्व राज्य मंत्री एवं भाजपा नेता सुबोध राकेश स्वयं राव फलक के घर पहुंचे और उसे सम्मानित कर उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। गांव की बेटी की इस शानदार उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में ग्रामीणों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और परिवारजनों ने राव फलक की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसे बधाई दी।सम्मान समारोह के दौरान पूर्व राज्य मंत्री सुबोध राकेश ने कहा कि आज बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन और सामाजिक जीवन के हर क्षेत्र में बेटियां अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर नया इतिहास रच रही हैं। उन्होंने कहा कि राव फलक ने सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह साबित कर दिया है कि गांव की बेटियां भी बड़े सपने देख सकती हैं और उन्हें मेहनत व लगन से साकार कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि फलक की यह उपलब्धि केवल उसके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे गांव, क्षेत्र और समाज की उपलब्धि है।सुबोध राकेश ने कहा कि मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करना समाज की जिम्मेदारी है, क्योंकि इससे बच्चों का मनोबल बढ़ता है और अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि जिस तरह राव फलक ने अपनी पढ़ाई के प्रति समर्पण, अनुशासन और मेहनत का परिचय दिया है, वह आज के युवाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण है। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो समाज और देश को आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त रास्ता दिखाती है। ऐसे में बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल, प्रोत्साहन और संसाधन उपलब्ध कराना हर परिवार और समाज की प्राथमिकता होनी चाहिए।इस अवसर पर राव फलक के पिता राव मुजीब भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि यह उनके परिवार के लिए गर्व और सम्मान का क्षण है। उन्होंने बताया कि बेटी ने बचपन से ही पढ़ाई में गहरी रुचि दिखाई और हमेशा मेहनत व अनुशासन को अपनी ताकत बनाया। राव मुजीब ने कहा कि परिवार ने हमेशा फलक को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया और उसकी पढ़ाई में हर संभव सहयोग दिया। उन्होंने कहा कि आज बेटी की सफलता ने पूरे परिवार को सम्मान दिलाया है और यह पल उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है।राव मुजीब ने यह भी कहा कि पूर्व राज्य मंत्री सुबोध राकेश का उनके घर आकर बेटी को सम्मानित करना परिवार के लिए बेहद खुशी और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि इस तरह का सम्मान न केवल बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि उन्हें भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित भी करता है। उन्होंने समाज से अपील की कि वे शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करने वाले बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए हमेशा प्रोत्साहित करें।वहीं समाजसेवी मास्टर दिलीप कुमार ने राव फलक की सफलता को पूरे गांव के लिए प्रेरणादायक बताया। उन्होंने कहा कि फलक ने 95 प्रतिशत अंक प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो, इरादे मजबूत हों और मेहनत सच्चे मन से की जाए, तो कोई भी मंजिल दूर नहीं रहती। उन्होंने कहा कि गांव की इस बेटी ने अपनी सफलता से यह संदेश दिया है कि संसाधनों की कमी कभी भी प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकती, यदि विद्यार्थी के भीतर कुछ कर गुजरने का जज्बा हो।मास्टर दिलीप कुमार ने कहा कि आज समाज को ऐसे बच्चों की उपलब्धियों को सामने लाने और उनका सम्मान करने की जरूरत है, ताकि अन्य छात्र-छात्राएं भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने जीवन में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि राव फलक की सफलता उन तमाम बेटियों के लिए एक मिसाल है, जो शिक्षा के माध्यम से अपने सपनों को साकार करना चाहती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में फलक और बड़ी उपलब्धियां हासिल कर गांव, जिले और प्रदेश का नाम और ऊंचा करेगी।सम्मान के बाद राव फलक ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और कोचिंग संस्थान को दिया। उन्होंने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनके परिवार का सबसे बड़ा योगदान रहा है। फलक ने कहा कि माता-पिता ने हर कदम पर उनका हौसला बढ़ाया, उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हमेशा सकारात्मक माहौल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मार्गदर्शन और निरंतर अभ्यास की बदौलत वह यह उपलब्धि हासिल कर सकीं। फलक ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास जरूरी है।राव फलक ने कहा कि उनका सपना आगे चलकर उच्च शिक्षा हासिल करना और अपने क्षेत्र में एक नई पहचान बनाना है। उन्होंने कहा कि वह चाहती हैं कि उनकी सफलता से गांव और क्षेत्र की अन्य बेटियां भी प्रेरणा लें और पढ़ाई को अपनी प्राथमिकता बनाएं। उन्होंने कहा कि यदि परिवार और समाज का सहयोग मिले तो बेटियां किसी भी मुकाम तक पहुंच सकती हैं।राव फलक की इस उपलब्धि से गांव में खुशी की लहर है। ग्रामीणों का कहना है कि फलक ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से यह साबित कर दिया है कि गांव की बेटियां किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फलक की यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी और शिक्षा के प्रति नई सोच को जन्म देगी। ग्रामीणों ने राव फलक को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वह आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊंचाइयों को छूती रहें।गांव की बेटी राव फलक का सम्मान समारोह केवल एक छात्रा की उपलब्धि का जश्न नहीं था, बल्कि यह उस सोच का सम्मान भी था, जिसमें शिक्षा को समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार माना जाता है। राव फलक की सफलता ने यह संदेश दिया है कि यदि परिवार का साथ, शिक्षकों का मार्गदर्शन और स्वयं की मेहनत साथ हो, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। आज राव फलक पूरे गांव, क्षेत्र और समाज के लिए प्रेरणा बनकर उभरी हैं, और उनकी यह उपलब्धि लंबे समय तक लोगों के दिलों में उत्साह और गर्व का कारण बनी रहेगी।

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