ग्राउंड जीरो पर हरिद्वार पुलिस की फुर्ती — 4 घंटे में अपहृत मासूम सकुशल बरामद
(पत्रकार दिलदार अब्बासी)
हरिद्वार। हरिद्वार में बीती रात मानवता को झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जब तुलसी चौक स्थित फुटपाथ से करीब दो वर्ष की मासूम बच्ची अचानक लापता हो गई। परिजनों के शोर-शराबे और सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया और पूरी जनपद पुलिस सक्रिय हो गई।घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह स्वयं पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रहे। उनके निर्देशन में सिटी कोतवाली पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) तथा सीआईयू की कुल पांच संयुक्त टीमें गठित कर अलग-अलग क्षेत्रों में रवाना की गईं। बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, बॉर्डर एरिया, भीड़भाड़ वाले बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष अलर्ट जारी किया गया। हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति की गहन जांच शुरू कर दी गई।पुलिस ने परंपरागत खोजबीन के साथ-साथ डिजिटल तकनीक का भी सहारा लिया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, संदिग्ध गतिविधियों को चिन्हित किया गया और रातभर पुलिस टीमें लगातार इलाके में दबिश देती रहीं। पुलिस की इसी सक्रियता और दबाव का असर रहा कि कथित अपहरणकर्ता बच्ची को अपने पास ज्यादा देर तक नहीं रख सका।लगातार सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस टीम को ऋषिकुल चौक बस स्टॉप के पास बच्ची लावारिस हालत में मिली। पुलिस ने तत्काल बच्ची को अपने संरक्षण में लेकर स्वास्थ्य परीक्षण कराया और सकुशल परिजनों के सुपुर्द कर दिया। मासूम को सुरक्षित देखकर परिवार की आंखों में राहत के आंसू छलक पड़े और उन्होंने पुलिस टीम का आभार जताया।पुलिस अधिकारियों का मानना है कि तेजी से फैलते पुलिस दबाव और हर दिशा में चल रही घेराबंदी के कारण अपहरणकर्ता बच्ची को छोड़कर फरार हो गया। फिलहाल जुटाए गए साक्ष्यों और तकनीकी जानकारी के आधार पर आरोपी की तलाश जारी है तथा जल्द गिरफ्तारी का दावा किया जा रहा है।इस त्वरित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित कर दिया कि संवेदनशील मामलों में हरिद्वार पुलिस की तत्परता और समन्वय किसी की भी जान बचा सकता है। चार घंटे के भीतर मासूम की बरामदगी पुलिस की मुस्तैदी और सतर्कता का बड़ा उदाहरण बन गई है।






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